विश्व जनसंख्या दिवस हर साल की तरह ईस साल भी 11 जुलाई को पूरी दुनिया में मनाया जाएगा।

इस दिन का मुख्य उद्देश्य हैं प्रकृति के निरंतर विकास पर जनसंख्या वृद्धि के सभी नकारात्मक प्रभावों के बारे में जनता को जागरुक्त करना है।

विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है लोगों को बढ़ती जनसंख्या के परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए।

इसकी स्थापना सन् 1989 में United Nations General Assembl द्वारा की गई थी।

COVID-19 महामारी के दौरान लोगों को एक बड़ी आबादी को संभालने में कठिनाइयों का एहसास हुआ और जिसके कारण देश की मृत्यु दर में वृद्धि हुई।

पहली बार 11 जुलाई 1990 को 90 से अधिक देशों में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया था।

दिसंबर 1990 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक प्रस्ताव 45/216 लाया गया और आधिकारिक तौर पर यह निर्णय लिया गया कि विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा।

हर साल इस दिन के लिए एक विशेष थीम भी रखी जाती है और उसी के अनुसार इस दिन को मनाया जाता है।

इसलिए इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम हैं '8 बिलियन की दुनिया: सभी के लिए एक लचीला भविष्य की ओर - अवसरों का दोहन और सभी के लिए अधिकार और विकल्प सुनिश्चित करना' है।

विश्व स्तर पर सभी देश, इस दिन को सेमिनार, चर्चा, शैक्षिक सत्र, सार्वजनिक प्रतियोगिताएं, नारे, कार्यशालाएं, वाद-विवाद, गीत आदि आयोजित करके मनाया जाता है।